कमीने दोस्त... एक कॉमेडी कविता...
फिर भी खुद को फेसबुक पर हीरो बताते है...।
फिर बारी आती है हरामी दोस्तो की,
जो कमेंट में कच्छे के छेद गिनवाते है...।
चाहे सोसियल मीडिया का स्टार भी हो,
पर दोस्त उसे अपनी असली औकात दिखाते है...।
इंट्सग्राम नेम होता है ब्लेक सोल,
पर दोस्त उसे हमेशा कालिया बुलाते है...।
गलती से भी वो एक टिकटोकर हुआ,
तो बिना बेंड के उस की बेंड बजाते है...।
वो वाली वीडियो उस के पापा को भेजेंगे,
जिस में खानदान के चिराग दुपट्टा ओढ़े गाना गाते है...।
यारो की टोली में घपा घप ठुसते है,
लड़की संग डायटिंग का ढोंग रचाते है...।
दोस्तो के सामने फेल कर बैठेंगे,
लड़की के आते ही पेट दबाते है...।
कैफे में बैठकर गप्पे लड़ाते हुए,
सब से सस्तिवाली कॉफी मंगवाते है...।
पर जब किसी के बाप का फोन आए,
तो उसी वक्त कमीने सिगरेट सिगरेट चिल्लाते है...।
वैसे तो सारे पक्के मर्द है,
दाढ़ी बी बियार्डों के एड जैसी उगाते है...।
पर घर से किसी का फोन आए,
तो सारे हरामी लड़की बन जाते है...।
दोस्त का एक बाप कम ही पड़ेगा,
हर वक्त उसे अपना बेटा बनाते है...।
उसे बाप की इज़्ज़त करना सिखाते है,
पर खुद को ही फिर उस का बाप बताते है...।
बात बात पर गाली मिलनी ही है,
इज्जत लेने पर उतारू हो जाते है...।
कोई और ज़लील करे, तो हम को बचाएंगे,
अकेले में हमे चीरहरण वाली फीलिंग दिलाते है...।
ऊपर ऊपर से पहेले सिंपथि दिखाएंगे,
बाद में हम को वो टार्गेट बनाते है...।
फिर तो वो लोग ही निकाल पाएंगे,
ऐसी प्रॉब्लम में हमे जान बूझकर फसाते है...।
में तो आगे चल कर करोड़पति बनूँगा,
आप को भी दिन में तारे दिखाते है...।
आप का भरम तो तब टूटेगा,
जब वो आप से मोबाइल का रिचार्ज करवाते है...।
कर दे ना भाई…
5 मिनिट में पहोचने के वादे करेंगे,
बेचारे एक दो घंटे लेट हो जाते है...।
टाइम पर कभी कहि पहोचें ही नही,
टाइम मैनेजमेंट की पिपडी बजाते है...।
भाईचारे की फिलोसोफी ज़ाड़ेंगे,
कटिंग चाय के भी तीन हिस्से करवाते है...।
मिलकर इकोनॉमी पर ज्ञान पेलेंगे,
कटिंग चाय भी उधारी में मंगवाते है...।
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